परवाह नहीं चाहे ज़माना कितना भी खिलाफ हो,
जैसे मुझसा बुरा दुनिया में कोई और नहीं।
जिससे हद से ज़्यादा प्यार करो, वो प्यार की क़द्र नहीं करता।
लेकिन मुझे सजा वहां मिली जहां, मैं वफादार था…!!!
ਮੋਹ ਮਾਇਆ ਵੱਲ ਨਹੀਂ ਰੱਬਾ ਤੂੰ ਆਪਣੇ ਵੱਲ ਖਿੱਚ
हर सुबह तुम्हारे मैसेज का इंतज़ार रहता है,
ख़ुद को लाख संभाल लूँ, मगर ख़याल तो रहेगा।
हुस्न पर क्या इतराना जिसकी औकात ही बिस्तर तक है…!
ये न सही करने देती है न ही कुछ गलत करने देती है।
आज जो तुम्हारा है… कल किसी और का इंतज़ार हो सकता है।
ये दर्द मेरा है… इसे मैं अकेले सह लूँगा,
हम भी Sad Shayari in Hindi अब खुद को छोड़कर किसी को पसंद नहीं करते।
यूँ भरी महफ़िल में तमाशा ना बनाया करो।
और कब आएगा वो दिन… बस उसी दिन को याद करते रहते हैं।